नडियाद: अहमदाबाद में हुई एक दर्दनाक विमान दुर्घटना ने गुजरात के खेड़ा जिले के 17 से अधिक परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में नडियाद के पवार परिवार के मुखिया महादेव तुकाराम पवार और उनकी पत्नी आशाबेन पवार की भी मृत्यु हो गई। यह दंपति पहली बार विदेश यात्रा पर अपने बेटे से मिलने के लिए ब्रिटेन जा रहा था, लेकिन यह उनकी आखिरी यात्रा बन गई।
दंपति के बेटे रमेश ने बताया, “मेरे माता-पिता विमान में थे। जब वे एयरपोर्ट पहुंचे तो वीडियो कॉल पर बात हुई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें सीट मिल गई है और वे सही जगह पर बैठ गए हैं। उन्होंने आखिर में ‘जय भारत’ कहा और कॉल काट दिया।” रमेश ने यह भी बताया कि उनके माता-पिता पिछले 10 वर्षों से मंदिर में सेवा करते आ रहे थे।
महादेव पवार के भतीजे महेश, जो उन्हें एयरपोर्ट छोड़कर आए थे, ने भावुक होकर बताया, “दोपहर में घर लौट आया था, लेकिन कुछ ही समय में हादसे की खबर मिली। तुरंत चाचा-चाची से संपर्क करने की कोशिश की, फोन बजा लेकिन किसी ने उठाया नहीं। हम सभी घबरा गए और तुरंत अहमदाबाद के लिए रवाना हुए।”
महेश ने आगे बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि सभी यात्रियों को असरवा अस्पताल ले जाया गया है। वहां भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल था। “रात में डीएनए सैंपल लिया गया, लेकिन पूरे समय असमंजस की स्थिति बनी रही।”
सरकार से अपील करते हुए महेश ने कहा, “कृपया हमारी भावनाओं को समझिए और एक व्यवस्थित प्रणाली बनाई जाए ताकि मृतकों के शरीर के अंग उनके परिजनों को सम्मानपूर्वक सौंपे जा सकें। आप 72 घंटे से एक दिन अधिक समय लीजिए, लेकिन हमें संगठित और सम्मानजनक तरीके से हमारे प्रियजनों के अवशेष सौंपिए। यह सिर्फ मेरी नहीं, हम सभी की सामूहिक मांग है।”
गुजरात के कई अन्य प्रभावित परिवारों ने भी सरकार से इसी तरह की मांग की है ताकि इस असहनीय दुख में उन्हें थोड़ा भावनात्मक संबल मिल सके।